इस टूर्नामेंट की अगर कोई सबसे बड़ी टीम है तो वह चेन्नई सुपर किंग्स और उसकी बड़ी होने की वजह है महेंद्र सिंह धोनी और पिछले 1 साल से महेंद्र सिंह धोनी ने चेन्नई सुपर किंग्स की कप्तानी रितुराज को सौंप दी है उसके बाद से अब तक एक भी मैच चेन्नई सुपर किंग्स ने बड़े आराम से नहीं जीती है हर बार कुछ न कुछ कारणों की वजह से चेन्नई सुपरकिंग्स लगातार मैच हारते जा रही थी अपने होम ग्राउंड में भी चेन्नई सुपरकिंग्स लग ही नहीं रहा था कि रुचि नहीं है और महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में जैसे पहले हर बार चेन्नई सुपरकिंग्स मैच जीता एक बार भी चेन्नई सुपर किंग्स मैच महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी छोड़ने के बाद से अब तक नहीं जीत पाई थी पहले से लेकर अब तक चेन्नई सुपरकिंग्स ने जितने भी मैच जीते हैं उसमें से महेंद्र सिंह धोनी का सबसे बड़ा और सबसे बड़ी बात यह थी महेंद्र सिंह धोनी किसी भी खिलाड़ी ख़ुश सड़क से उठाकर हीरो बना दिया करते थे महेंद्र सिंह धोनी क्रिकेट इतिहास की सबसे बड़ी सफल कप्तान और सबसे बड़े खिलाड़ी हैं जिसकी वजह से चेन्नई सुपरकिंग्स को फ़ायदा मिला है अपनी ब्रांड वैल्यू बढ़ानी और जैसे महेंद्र सिंह धोनी ने चेन्नई सुपर किंग्स की कप्तानी को छोड़ी तब से लेकर अब तक चेन्नई सुपर किंग्स की ब्रांड बिल्डिंग हमेशा से गिरती जा रही है इसके बारे में चेन्नई सुपर किंग्स की मैनेजमेंट को हर बार सोचना चाहिए था सबसे बड़ी बात यह भी थी कि महेंद्र सिंह धोनी की ठानी में महेंद्र सिंह धोनी को हर खिलाड़ी समझता भी था और महेंद्र सिंह धोनी हर खिलाड़ी को समझते भी थी और महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी के अंदर पहुँच रही ऐसे भी खिलाड़ी रहे हैं जिनका करियर ख़त्म हो गया था लेकिन जब से महेंद्र सिंह धोनी के अंदर आने के बाद से उनका करियर मानूँ शुरुआत हो रहा हूँ ऐसा महेंद्र सिंह धोनी उनको कर देती थी इन्हीं सब कारणों की वजह से चेन्नई सुपर किंग्स ने अब तक 5 बार ट्रॉफ़ी जीती है ऐसे ही नहीं महेंद्र सिंह धोनी को कहा जाता टिकट कलेक्टर से लेकर ट्रॉफी कलेक्टर महेंद्र सिंह धोनी की सबसे बड़ी ख़ास बात यह है वह अनुभव खिलाड़ी के साथ ज़्यादा जाए गलती थी उनकी टीम में सब अनुभवी खिलाड़ी हुआ करती थी 1 बढ़कर एक योद्धा जो किसी भी समय मैच को पलट दिया करते थे और अपने घर में तो किसी भी क़ीमत पर मैच नहीं हारा करती थी चाहे सामने कोई भी टीम हूँ मुंबई इंडियंस RCB राजस्थान रॉयल्स यह कुछ भी हो जाए वह अपने घर में तो कभी भी एक मैच नहीं हारा करते थे लेकिन जब से रितुराज को कप्तानी मिली है तब से चीनी सुपर किंग्स को औरा ख़त्म हो गया है

चेन्नई सुपर किंग्स में रविंद्र जडेजा का न होना भी एक बोहोत बड़ा कारण है मैच हारने का
2026 में चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान के साथ ट्रेड किया था संजू को अपनी टीम में ले लिया और रवींद्र जडेजा को उनकी टीम में दे दिया है चेन्नई सुपर किंग्स टीम की मैनेजमेंट को ऐसा लगता है कि रविंद्र जडेजा के जाने के बाद से टीम में कोई गड़बड़ नहीं होगा उन्हें ऐसा ग़लत लगता है उनके जाने के बाद से टीम पूरी तरह से कमज़ोर पड़ गया है मानो टीम में वो बात ही नहीं रही अब रवींद्र जडेजा ने चेन्नई सुपरकिंग्स को फ़ाइनल मैच भी अपनी दम पर जिताया है गुजरात टाइटंस के साथ जब मैच फ़ाइनल हो रहा था तब आख़िरी 2 गेंद में रविंद्र जडेजा ने 10 रन बनाकर चेन्नई सुपर किंग्स को पाँचवाँ ट्रॉफ़ी जीत बिताया था और चेन्नई सुपर किंग्स की टीम ने उनको अपनी टीम से बाहर कर दिया वह भी एक संजू सैमसन के लिए ऐसा उन्होंने ग़लत किया हम मानते हैं क्यों कुछ संजू बहूत ही ज़्यादा ज़रूरत थी पर ऐसी भी क्या बात की रविंद्र जडेजा को उन्हें देना पड़ गया वह पैसे से भी बात कर सकते थे लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया रविंद्र जडेजा को अपनी टीम से जाने दिया इसकी वजह से ही चेन्नई सुपर किंग्स के फैंस भी काफ़ी नाराज़ हैं और इन सब का कारण आपको अपनी टीम के ऊपर भी देखने को पड़ता है रविंद्र जडेजा से भी खिलाड़ी नहीं तीळ उनके पास कितने सालों का अनुभव था चेन्नई सुपर किंग्स के साथ और अनुभव हर खिलाड़ी को ज़रूर देती है जिसकी वजह से चेन्नई सुपरकिंग्स ओर भी बढ़ी और भी मज़बूत टीम बन सकती थी लेकिन चेन्नई सुपर किंग्स की मैनेजमेंट ने जो किया जडेजा के साथ वो ग़लत किया
सबसे बड़ी गलती रितुराज को कप्तानी सौंप देना आपको ऐसा नहीं लगता कि कप्तानी रविंद्र जडेजा को मिलना चाहिए था
जैसे ही महेंद्र सिंह धोनी ने चेन्नई सुपर किंग्स की कप्तानी छोड़ी वैसे ही रितुराज कप्तानी मिल गई और सबसे बड़ा कारण जब आपकी टीम में एक अनुभवी खिलाड़ी मौजूद हो तो एक नया यंगस्टर्स का मौक़ा नहीं देना चाहिए था रविंद्र जडेजा को कप्तानी देना चाहिए था और रितुराज को खुलकर खेलने का मौक़ा देना चाहिए था 1 दो साल के बाद रितुराज को कप्तानी देना चाहिए था शुरुआती दौर में ही रितुराज को कप्तान देने के बाद से ऋतुराज के ऊपर वर्क लोड बढ़ किया जिसकी वजह से वह कप्तानी भी अच्छा नहीं कर पाए और अपनी बैटिंग को भी ख़राब कर दी और आपको पता ही होगा कि अगर आपकी टीम ने आपकी कप्तान से ही रन नहीं बन रहे हैं तो वो आपकी टीम में किसी भी खिलाड़ी का मन नहीं लग रहा होता है ऐसे समय में सबसे पहले आपको अपने कप्तान को चेंज करना चाहिए और नए कप्तान बनाना चाहिए न्यूड टीम में सबसे ज़्यादा अनुभव जिसके पास हूँ उसको ना कि ऐसे खिलाड़ी टू पर भरोसा दिखाना चाहिए जो टीम अच्छा कर रहा हूँ

निष्कर्ष
क्योंकि अब चेन्नई सुपर किंग्स के पास तो रविंद्र जडेजा नहीं है लेकिन कोई बात नहीं है अब sanju जो रितुराज से ज़्यादा अनुभव रखते हैं कप्तानी करने का और रितुराज को खुलकर खेलने का मौक़ा देना चाहिए जिसकी वजह से वह खुलकर खेलेंगे तो टीम में एक अलग मनोबल बढ़ता है और सारी टीम के लोग भी अच्छा गेंद ले लेंगे और संजू के अंदर पूरी कप्तानी अच्छी हो सकती है धोनी जैसा कर सकते हैं संजू की सबसे बड़ी बात है कि वह महेंद्र सिंह धोनी के जैसा विकेट-कीपर भी यह बल्लेबाज़ भी और सबसे बड़ी बात कप्तानी भी कर सकते हैं समझूँ इंद्र सिंह धोनी के जैसा जब संजू कप्तानी करेंगे तो रितुराज खुलकर बोले शुरुआती दौर से ही और ऐसे करने से टीम का बैलेंस भी बनेगा और टीम में हाई स्कोरिंग मैच भी होगा चेन्नई सुपर किंग्स को भी संजू बहूत ही आराम से मैनेज कर सकते हैं क्योंकि संजू के पास सबसे बड़ी चीज़ है वह आराम से खेलते बैटिंग करते हैं विकेटकीपिंग करते कप्तानी भी बड़े आराम से कर सकते हैं जोकि चेन्नई सुपर किंग्स में एक महेंद्र सिंह धोनी किया करते थे