RCB को एक ट्रॉफ़ी जीतने में 18 साल लगते हैं हर बार से लेकर अभी तक हर बार टॉप 4 में अपनी जगह बना रखी है और ऐसा नहीं है कि ओर से भी आराम से कोई भी मैच जीत रही है हर मैच में 200+ रन बना रही है पता नहीं rcb की टीम में ऐसा क्या हो गया है जो टीम हर बार टॉप नीचे से करती थी वह अब टॉप ऊपर से करने लगी है विराट कोहली के अंदर भी अब आगे देखने को मिलता है और वह भूख ट्रॉफ़ी के लिए इस टीम में जो भी खिलाड़ी खेल रहा है वह मानो ऐसा खेल रहा है जैसे कितने साल से इन्हें एक ट्रॉफी की भूख और उस भूख को मिटाने के लिए उनका कप्तान और सबसे बड़े खिलाड़ी उस टीम के विराट कोहली भी साथ दे रहे हैं मानो विराट कोहली सभी टीमों से कह रहे हैं की भाई तुम लोग आयी थिंक खेल रोक भले ही लेकिन इस बार ट्रॉफ़ी से अगर कोई लेकर जाएगा तो वह हमारी टीम ही होगी क्योंकि पिछले साल भी हमने ट्रॉफ़ी अपने नाम की है और याद रखना विराट कोहली ने एक बार जो कह दिया मकर भी देते हैं तो इसमें कोई चौंकाने वाली बात नहीं है कि इस बार आज भी ट्रॉफी को अपने घर लेकर जा रही है RCB के पास सबसे बड़ी मज़बूती यह है कि उनकी टीम में विराट कोहली हैं और विराट कोहली की वजह से पूर्व टीम का माहौल अच्छा रास्ता है जिसकी वजह से हर खिलाड़ी अपने आप को बेहतर करने में लगा रहता है और उनके कप्तान साहब की बात ही अलग है भाई वो बंदा अलग लेवल का फ़ॉर्म में चल रहा है अभी इस टीम को किसी से फ़र्क भी नहीं पड़ता है इस सामने कौन सी टीम है और वह कितनी बार ट्रॉफ़ी जीत चुकी है इससे कोई मतलब ही नहीं है इन्हें सिर्फ़ इतना मतलब सामने वाला टीम हैं उन्हें हमें आराम से हराना है और उन्हें वापस घर भेज देना है इस साल इन्होंने मुम्बई इंडियंस चेन्नई सुपर किंग्स जैसी दो बड़ी नाम वाली टीम को बहूत ही आराम से हराया है तभी ऐसा लगा ही नहीं था उस मैच में की कमी भी आर सी भी हारने वाली है और इन दोनों बड़ी टीम को इस टीम ने इतना गंदा हराया है कि सामने वाली टीम सोच भी नहीं सकते कि हम 5 बार की चैंपियन है

अपनी बैटिंग ऑर्डर में सुधार करना और आक्रामक अंदाज़ में किसी भी टीम के सामने खेलना
इस बार इस टीम का माइंडसेट अलग है इस बार इस टीम ने ऐसी बैटिंग लाइन बनायी है कि सामने वाली को भी टीम को इन्हें किसी से फ़र्क नहीं पड़ता है इनके दिमाग़ से एक ही बात चलता है इस सामने वाली टीम के सामने इतना बड़ा स्कोर बना दूँ कि सामने वाली टीम का विशेष न कर पाएँ और अगर कभी चीज़ करने गया था इतना जल्दी केस खतरों के सामने वाली टीम सदमें में आ जाए इस पर इस टीम का माइंडसेट हर बार 200 प्लस स्कोर बनाना इस टीम में सॉल्ट विराट कोहली रजत पाटीदार टीम डेविड जीते शर्मा जैसे बल्लेबाज़ हैं कि उनके सामने 2 रन बनाना कोई बड़ी चीज़ नहीं है ये आराम सेजाते 15 ओवर सोलो भर में दो सौ रन बना जाते हैं और चार ओवर इतना रन बना देते हैं कि सामने वाली टीम कभी सोच बड़ी शक्ति कितना बड़ा रन चेज़ कर सकते अब मुंबई का ही देख लो भाई मुंबई के सामने उन्होंने 240 रन का एक बड़ा स्कोर खड़ा कर दिया अब मुंबई सोच भी नहीं सकती एक 240 रन को कैसे चीज़ किया जाए इसके लिए मुंबई को 240 रन बनाने के लिए बहूत इंग्लिश छोटी लगानी पड़ती है जो कि क्रिकेट में असंभव तो नहीं है लेकिन कर पाना बोहोत मुश्किल होता है अगर आपके सामने एक दो विकेट गिरे तो समझो आपका करियर ख़त्म और इस बार इस टीम ने शुरू से ही यह सोचकर आया है कि अब हमें किसी के सामने झुकना नहीं है और किसी को हमसे मैच जीतने नहीं देना है भाई सब आप लोग इस टीम के कप्तान को दिखी रजत पाटीदार भाई इस बंदे के अंदर कौन सी आग लगी हमें भी नहीं समझ में आती है बंदा 200प्लस स्ट्राइक रेट से हमेशा खेल रहा है चाहे कोई भी मैच को किसी भी टीम का जसप्रीत बुमरा तक छह मारा है

किसी भी टीम के सामने इतना बड़ा रन बना दो इसे सामने वाली टीम सोच भी नहीं सकती है
पता अभी बैंगलोर के दिमाग़ में क्या चलता है सामने वाली टीम के सामने अगर पहले बैटिंग करते हैं तो इतना रन बना 2 सामने वाली कब सोच भी नहीं सकती इतना रन भी क्रिकेट में होता है और अगर पहले बॉलिंग कर रही हूँ तो 2 के अंदर पूरी टीम को और लौट कर दूँ इसके बाद तो कुछ भी हो जाएगा बैंगलोर ही इस मैच को जीतेगा और इस बार इस टीम ने यही करते आए हैं हर बार 2 पार और यह न सिर्फ़ एक दावा नहीं है यह एक हक़ीक़त है जो इस टीम ने इस बार करके दिखाय अगर इस बार यह टीम फिर से दोबारा ट्रॉफ़ी अपने घर ले जाएगी तो हैरान मत होना क्योंकि इस टीम को कोई कैसे रोक सकते हैं जिससे टीम में 1 बढ़कर एक बैट्समैन खेल रहे हैं और यह टीम किसी भी टीम के सामने हारने से ख़तरा नहीं रही है सामने कोई भी टीम हो हर टीम को मैच हराकर घर भेज देती है सबसे अच्छा तो इस बार विराट कोहली का फ़ॉर्म इस टीम में देखने को मिल रहा है इस टीम में 1 से बढ़कर एक योद्धा हैं और इसके कप्तान साहब का तो बात ही अलग है रजत पाटीदार उनका अलग ही जलवा है इस मैच में जब से राजद पाटीदार खेल रहे हैं कोई भी मैच बैंगलोर हार ही नहीं रही है पहले इस टीम के लोग सिर्फ़ विराट कोहलीपर भरोसा किया करते थे लेकिन अब तो एक रजत पाटीदार ही पूरी टीम को संभालकर अलग दिशा में ले जाते हैं मानो कह रही हूँ कि हर टीम से कुछ भी कर लो सामने हम नहीं हारने वाले हैं ऐसा इस बार इस टीम के कप्तान साहब का मन बता रहा और कहीं भी रहें हम सभी टीम को की कुछ भी कर लो भाई इस बार तो हम ट्रॉफ़ी लेकर जाने वाले हैं
निष्कर्ष
बैंगलोर अब कैसे टीम बन गई है इस टीम को तो इस बार कोई रोक नहीं पा रहे हैं चाहे मुंबई इंडियंस जो हर वार टॉप में रखती थी अब हुआ इस टीम से हार जा रही है मैच और चेन्नई सुपर किंग्स की बात ही मत करो वह भी इस टीम से मैच हार रही है ये लोग करते थे 1 ज़माना था जब रोहित शर्मा और महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में कोई भी टीम रखता था उनसे जीतना मुश्किल होता था और अब उनकी टीम के सामने कोई भी टीम आता है उन्हें हराकर चला जाता है और ऐसे में इस टीम का और सबसे अलग है यह टीम कभी से माइंड सेट हो गया है सामने कोई भी टीम हूँ इससे फ़र्क नहीं पड़ता इनका कहना है कि मुझे कोई भी बैट्समैन ले आओ कोई भी टीम ले आओ हम तो उन्हें ज़रूर मानेंगे और ज़रूर मारेंगे इनका कहा यही है और यह शुरुआती दौर में ही कह डाले हैं कि इस बार ट्रॉफ़ी हम फिर से दोबारा अपने घर ले जा रहे बीच में कुल मत आओ मन का कहना है कि इस बार इस टूर्नामेंट में जो भी टीम आयी है वह rcb जलवा देखने आयी है इस टीम के पास एक से बढ़कर एक बैट्समैन है और गेंदबाज़ जो किसी भी टीम को अपनी मुट्ठी में कर लेते हैं यह टीम के पास सबसे बड़ा एक चीज़ें वह कप्तान रजत पाटीदार वह एक अलग बन रहे हैं उनका किसी भी टीम के साथ कोई भी मैच रखवालों यह बंदा सबसे आगे आकर सबसे ज़्यादा रन मार कर चला जा रहा है कम गेंद में ऐसा करने से सभी टीमों में डर का माहौल है और सब टीम अब इस टीम से डरने लगी है और इस बार सारी टीम का भी यही सोचने की भाई इस टीम को रोकना बहुत मुश्किल है
Read more: 18 सालमें भी कुछ नहीं कर पाई वह सिर्फ़ दो साल में RCB करने जा रही है | what couldn’t achieve in 18 years rcb is going to accomplish in just two years