विराट कोहली जब से इस टूर्नामेंट की शुरुआत हुआ है तब से लेकर अब तक विराट कोहली ऑरेंज कैप की रेस में सबसे आगे हुआ करती थी लेकिन ऐसा हर एक समय नहीं होता है कि 1 ही virat kohli खेलते रहे 1 ना एक दिन विराट कोहली भी रिटायर्ड ले लेंगे इस टूर्नामेंट से हमें विराट कोहली की जैसा वैभव सूर्यवंशी देखने को मिल सकते हैं कि हर एक साल ऑरेंज कैप की रेस में सबसे आगे है जैसे विराट कोहली ने इस परंपरा को बचाकर रखा है और अपने नाम कर के रखा है हरेक बॉलर के अंदर डर बैठा हुआ है कि विराट कोहली हर बार ऑरेंज कैप की रेस में सबसे आगे है और अभी हमें देखने को मिलता है वही वैभव सूर्यवंशी के अंदर जैसे शुरुआती दिनों में विराट कोहली सबसे छोटा हुआ करते थे पूरे टूर्नामेंट युवराज सिंह अभी सबसे छोटा वैभव सूर्यवंशी हैं और वैभव सूर्यवंशी के अंदर 1 आग पर एक भूख देखने को मिलती है क्रिकेट का जो कि सभी खिलाड़ी ने अभी देखने को मिलता है वैभव सूर्यवंशी भी ऑरेंज कैप अपने ऊपर ले चुके हैं ऐसे में यह सबसे बड़ा सवाल उठता है कि जहाँ प्रायः दूसरे1 से इस साल जैसे सबसे आगे हैं टॉप में और यूज़ करके वैसे ही क्या यह परंपरा को बचाकर रख पाएंगे या उसे बचाने में असफल रही है मैथ्यू सूर्यवंशी के अंदर एक सबसे बड़ी अच्छी बात यह है कि वह किसी भी बॉलर को उसके नाम से ही जानता है बलिक उसके काम और गेंद फेंकने की साज़िश जानता और वैभव सूर्यवंशी हरि गेंदबाज़ व अच्छे से पड़ता है उसके बाद उसे खेलता है और ऐसे में हमें नहीं लगता है कि वे भूस्खलन से आने वाले समय से बड़ा कोई बल्लेबाज़ बन सकता है आने वाले समय में भूस्खलन से 1 ऐसी खिलाड़ी बनेंगे जो पूरी दुनिया के लिए एक मील का पत्थर की जैसे साबित होंगे

वैभव सूर्यवंशी इस परंपरा को बचाने में सफल हो पाएंगे या नहीं अब यही देखना बाक़ी है
वैभव सूर्यवंशी को दो साल हो गए हैं इस टूर्नामेंट को खेलते हैं और वेब सूर्यवंशी अपने आप को विराट कोहली से भी बड़ा खिलाड़ी बना सकते हैं अपने वाली समय लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि अपनी आपको बड़ा खिलाड़ी बनाना और इस टूर्नामेंट में अच्छा परफॉर्मेंस दिनों दोनों अलग बात होता है अब बड़े खिलाड़ी अपने देश की ओर सकती हूँ लेकिन इस टूर्नामेंट में 1 बढ़कर एक खिलाड़ी आते हैं जो ऑरेंज कैप को अपने नाम करना चाहते हैं लेकिन वे दूसरी उनसे के पास एक ऐसी चीज़ है जिसकी वजह से वह ऑरेंज कैप की रेस में हमेशा सबसे आगे रहेंगे वह है उनके अंदर की भूख किसी भी समय किसी भी बॉलर को बड़ी आसानी से मार सकते हैं और उनका स्ट्राइक रेट जो बताता है कभी भी 200 से नीचे नहीं रखता है इस वजह से हम ऐसा लगता है कि आने वाले समय में वैभव सूर्यवंशी इस परंपरा को बचाकर रख सकती है और विराट कोहली से आगे लंबा प्रदर्शन करेंगे और विराट कोहली से भी बड़े खिलाड़ी आने वाले समय में बल शक्ति प्रभु सूर्यवंशी के अंदर एक सबसे बड़ी अच्छी बात है कि व्यापक सलमान से जब बैटिंग करने आते हैं तो भारत के सभी उम्र के लोग इन्हें देखना चाहते हैं यहाँ तक कि छोटे बच्चे के मम्मी पापा की TV खोलकर बैग सूर्यवंशी की बेटी को देखना चाहते हैं क्योंकि वह चाहते हैं कि व्यापक सूर्यवंशी के जैसा उनके बच्चे भी क्रिकेट खेलें और vaibhav suryvashi आने वाले समय की इनपुट बड़े मोटिवेशनल आदमी बन सकते हैं जो ज़िंदगी में कुछ न कर पाए हैं
विराट कोहली ने तो अपना काम कर दिया है लेकिन अब देखना यह है कि विराट कोहली से भी अच्छा कर पाएंगे सूर्यवंशी या नहीं
सिस्टम की शुरुआत की तब से 19 साल हो गए ऑस्ट्रेलिया में विराट कोहली को खेलते लेकिन अब तक रेस लगानी है कि विराट कोहली शुरुआत से जैसे खेळ उनका खेलने का तरीक़ा चीन हुआ है विराट कोहली के अंदर भी अभी भी वही बच्चे जैसा भूख है कि हमें अभी भी अपनी टीम के लिए बैटिंग करना है पर टीम को फ़ाइनल तक लेकर जाना और वही उनके अंदर आग 1 सभी खिलाड़ी से भीड़ में उनको अलग बनाती है तो और यही चीज़ प्रभु सूर्यवंशी को भी अंदर देखने को मिलती है पूरी प्रभु सूर्यवंशी के अंदर भी 1 उपयुक्त बड़ी आग पर एक बहुत बड़ी रुख़ देखने को मिलती है जो किसी और भी इतनी कम उम्र के खिलाड़ी मीठी गोली के यहाँ तक कि बड़े बड़े खिलाड़ी के लिए भी भूख नहीं देखने को मिलती है और हमें आने वाले समय में यात्रा शुरू होने वाले विराट कोहली के जैसा तो बन ही बनेंगे हूँ लेकिन मैं इसे अच्छा भी करेंगे क्योंकि ब्रावो सूर्यवंशी एक तो अभी उसकी उम्र कम है आने वाले स्लम के पास और भी ज़्यादा एक्सपीरियंस जाएगा और भी ज़्यादा देर एकत्रित अच्छे युवा और वह इस टूर्नामेंट के ऐसे खिलाड़ी बन जाएंगे जिन्हें हर एक चीज़ के बारे में पता कब कैसे खेलना है कौन से bowler को नहीं khelna hai ये सारी चीज़ें उन्हें पता रहेगी तो आने वाले समय में भूस्खलन से बड़े खिलाड़ी बन सकते हो ऑरेंज कैप की रेस में सबसे आगे हो सकती यह तो हमें कन्फर्म हो ही गया हैं

निष्कर्ष
सूर्यवंशी और विराट कोहली दोनों के अंदर 1 चीज़ देखने को मिलता है अपनी batting को लेकर उनके अंदर आज भी वहीं same भूख देखने को मिलती है विराट कोहली भी इतनी बड़ी खिलाड़ी बन गए लेकिन उनके अंदर आज भी वो भी भूख देखने को मिलती है जो 1 नई बल्लेबाज़ के अंदर 1 चीज़ देखने को मिलता है उसे पता होता है कि हमें क्या करना है और वे इसके लिए खेलना है और उनका एक ही मक़सद है सामने कोई भी टीम को कोई भी गेंदबाज़ों हमें उसे अच्छे से खेलना रूप से बड़े स्कोर में अपना बनाना है तो वो एक बड़ा खिलाड़ी तब बनता है जब उसके अंदर वह भूख कभी ख़त्म नहीं होता है आपने देखा होगा कि बोहोत सरे से ऐसे खिलाड़ी इस टूर्नामेंट आए हैं और चले गए लेकिन वही खिलाड़ी टूर्नामेंट में बनता है जो शुरुआत से लेकर अंत तक उसे खेलने का तरीक़ा भी कभी भी बदलाव नहीं देखने को मिलता है वहीं खिलाड़ी सबसे बड़ा बन पाता है कैसी भी परिस्थिति हो कभी कभी समय ख़राब चलता है लेकिन विश्व के अंदर ही भूख देखने को मिलती है तो आप आने वाले समय में 1 बड़े खिलाड़ी बन सकते हैं और वैभव सेवन सिकंदर और विराट कोहली दोनों बड़े फ़ॉर्मेट के खिलाड़ियों और दोनों लंबे समय तक खेल सकते किसी भी फ़ॉर्मेट को ऐसे में यह नफ़रत हुआ विराट कोहली ने जो किया है वह कुछ छोटी सी चीज़ें और पैथॉस रमन सिंह वो चीज़ पर नहीं कर पाएंगी दोनों अपने आप में 1 बड़ी गाड़ी बनने के लिए खोदी के बड़े खिलाड़ी हैं वे दूसरे वर्ष 2 साल के लिए जो अपना नाम बनाएँ हमें देर तक वह BCB तरीक़ों से उस नाम को ख़राब करेंगे था