इस टूर्नामेंट की राजस्थान एक ऐसी टीम बनकर रह गई थी जिसे हर कोई एक नार्मल से टीम समझती थी लेकिन जब से इस टीम वैभव श्रीमान सिंह ने अपना क़दम रखा तब से लेकर अब तक हर कोई इस टीम का दीवाना हो गया क्योंकि वैभव सूर्यवंशी ने जब से बैटिंग लाइनअप को नहीं किया है तब सेहर कोई टीम से मैच होता है ज़्यादा तर चांस यह होता है कि इस टीम ने उन्हें धूल चटाई है और इसी वजह से हर कोई इस टीम का दीवाना होता जा रहा है और इस टूर्नामेंट की शुरुआत में पहली बार मैच हुआ था तो फ़ाइनल में राजस्थान ने पहले ही बाहर ट्रॉफ़ी अपने नाम की थी और हर कोई को ही लगता था कि यह टीम हर बार की तरह अच्छा करेगी लेकिन वह बीते साल बीते लेकिन 1 चीज़ नहीं बदला तो राजस्थान रॉयल्स को ट्रॉफी जीतना है राजस्थान की टीम में हर बार कोई न कोई अच्छा खिलाड़ी आता था लेकिन फिर भी राजस्थान की मैनेजमेंट की वजह से यह टीम हर बार कुछ न कुछ गलती कर दी थी और जिसकी वजह से यह कभी भी बड़ी मैच में अपना अच्छा प्रदर्शन नहीं दिखा पाई और जिसकी वजह 18 साल में दूसरा ट्रॉफ़ी भी अपने नाम कभी न कर पाए लेकिन जबसे वो सूर्यवंशी ने इस टीम में अपना बैटिंग ओपनर के तौर पर आए हैं तब से लेकर अब तक इस टीम में बहुत सारी चीज़ का बदला हुआ है जैसे सबसे पहला टीम का बैलेंस सही करना और टीम में शुरुआती दौर से ही बड़े बड़े शॉट खेला जिसकी वजह से 3 हाई स्कोरिंग मैच को बना देती है इसकी वजह से सामने वाली टीम कोई और सोचना पड़ता है इतना बड़ा हाई स्कोरिंग जिस करने के लिए कहीं गलती न हो जाए जाए

शुरुआती दौर से राजस्थान रॉयल्स को कभी भी बड़ा शुरुआत नहीं मिल पाया है पावरप्ले में
पहले के दौर में राजस्थान रॉयल्स में पावरप्ले मैं वो अच्छा परफॉर्मेंस नहीं कर पाते थे पर अब जयसवाल और मैं वहाँ सूर्यवंशी के आने पर आने पर अब टीम पावरप्ले भी अच्छा परफॉर्मेंस कर रही है जिसके कारण उसका मिडिल ऑर्डर भी अच्छा खेल रहे हैं अगर स्टार्टिंग मैं अच्छा शुरुआत होने में मिडिल ऑर्डर को भी हौसला मिलता है कि वो रन रेट को मेंटेन करके चले और आसानी से वो 200+ का स्कोर बना पाता है पावरप्ले के दौरान ही दोनों ओपनर लगभग फिफ्टीन सिक्सटीन के स्ट्राइक रेट से सों रन एप्प रॉक्स रन बना देते हैं वैभव सूर्यवंशी और जयसवाल की सबसे बड़ी ख़ास बात यह है कि ये दोनों बल्लेबाज़ बिना किसी विकेट के पावरप्ले में सौ रन से भी ज़्यादा बना देते हैं जिसकी वजह से टीम के अंदर एक ऐसी ताक़त मिलती है कि दूसरा बैच में जब भी आता है तो उसके अंदर यह पता होता है कि जब हमारी टीम के पास फ़ौरनप्लस बन गये पावरप्ले में तो हमें डरकर या श्लोक खेलने से कोई फ़ायदा नहीं है तो सामने वाला बैट्समैन भी अच्छे से खेलता है जिसकी वजह से टीम को और भी अच्छा स्कोर बनने की उम्मीद मिल जाती है और पहले ऐसा कभी नहीं होता था कि पावरप्ले में सौ रन 80 रन नहीं बनते थे जिसकी वजह से पहले के मैच सारे सीज़न का राजस्थान हार जाता था जिसकी वजह से ड्रॉ कभी नहीं कर पाता था पॉइंट्स टेबल पे और पता नहीं होगा आपको कि अगर कोई टीम टीम से मैच जीतना है और सेमी फ़ाइनल फ़ाइनल खेलना है तो उसके लिए आपको टॉप चार में जगह बनानी पड़ती है और राजस्थान ऐसा कभी नहीं कर पाई है इसकी वजह से उनकी टीम हर बार सेमीफ़ाइनल क्वार्टर फाइनल कमीना खेल पाइए और सबसे बड़ी बात जबसे प्रभु सूर्यवंशी और जायसवाल ने इस टीम में बल्लेबाज़ी करना शुरू किया है तब से लेकर हर बार यह टीम सेमीफ़ाइनल तक पहुँच जाती है तो इससे यह पता चलता है कि वैभव सूर्यवंशी और जयसवाल इस टीम के लिए कितनी बड़ी सम्पत्ति के तौर पर उन्हें देखा जाता है अगर ये 2 खिलाड़ी न होते तो राजस्थान कभी भी सेमीफ़ाइनल में नहीं पहुँच सकती है
राजस्थान रॉयल्स के पास पहले सबसे बड़ी दिक़्क़त होती थी मिडिल ऑर्डर को सही से इस्तेमाल न कर पाना और उनके ऊपर सबसे ज़्यादा प्रेशर होता था मिडिल ऑर्डर के पास
आपको पता ही होगा कि इस टूर्नामेंट में सभी टीम बेहतर होता है लेकिन जब आप की शुरुआत ही ख़राब तरीक़े से होती है तो मिडिल ऑर्डर कुछ ख़ास नहीं कर पाती है इसकी वजह से आपकी टीम की कमर टूट जाती है और यही चीज़ राजस्थान रॉयल्स के साथ हो रही थी राजस्थान रॉयल्स की शुरुआत कुछ ख़ास नहीं हो पा रही थी इसकी वजह से मिडिल ऑर्डर के पास परिसर ज़्यादा मिल जाता था इसकी वजह से मिडिल ऑर्डर कमज़ोर पड़ जाती थी और मिडिल ऑर्डर हरा पर प्रेशर में आकर जल्दी विकेट अपना दे देती थी जिसकी वजह से टीम का बड़ा स्कोर कभी नहीं बन पाया जिसकी वजह से सामने वाली टीम ने हर बार किसी भी ग्रैंड प्री वो किसी भी समय हर दिन हर साल ने हराया है जिसकी वजह से ये कभी भी सेमीफ़ाइनल तक का सफ़र तय नहीं कर पाए आपको पता ही होगा कि इस टूर्नामेंट में सभी टीम बेहतर होता है लेकिन जब आप की शुरुआत ही ख़राब तरीक़े से होती है तुम मिडिल ऑर्डर कुछ ख़ास नहीं कर पाती है इसकी वजह से आपकी टीम की कमर टूट जाती है और यही चीज़ राजस्थान रॉयल्स के साथ हो रही थी राजस्थान रॉयल्स की शुरुआत कुछ ख़ास नहीं हो पा रही थी इसकी वजह से मिडिल ऑर्डर के पास परिसर ज़्यादा मिल जाता था इसकी वजह से मिडिल ऑर्डर कमज़ोर पड़ जाती थी और मिडिल ऑर्डर हरा पर प्रेशर में आकर जल्दी विकेट अपना दे देती थी जिसकी वजह से टीम का बड़ा स्कोर कभी नहीं बन पाया जिसकी वजह से सामने वाली टीम ने हर बार किसी भी ड्रोन प्रो किसी भी समय हर 3 हर साल उन्हें हराया है जिसकी वजह से ये कभी भी सेमीफ़ाइनल तक का सफ़र तय नहीं कर पा लेकिन जब से प्रभु सूर्यवंशी और जसवाल ने इस टीम को संभाला है तो शुरुआती दौर से बल्लेबाज़ी अच्छा होता है इसकी वजह से मिडिल ऑर्डर को पता होता है की जब शुरुआत थी ना चाहूँ तो हमें उतना अच्छा करने की कोई ज़रूरत नहीं और वे लोग आराम से खेलते हैं जिसकी वजह से हाई स्कोरिंग मैच बन जाता है और राजस्थान रॉयल्स बड़ी आसानी से किसी भी टीम को मैच को हरा देती है और धन के फ़ाइनल में पहुँच जाती है

राजस्थान के पास हमेशा से फिनिशर और ऑलराउंडर की कमी थी जिसकी वजह से वह कभी भी बड़ी मैच को नहीं जीत पाई
जब से राजस्थान रॉयल्स शुरुआती दौर से मैच खेलने की शुरुआत की है तब से लेकर अब तक उनके पास सिर्फ़ एक चीज़ की बड़ी दिक़्क़त होती थी व मिस्र उनके पास सबसे अच्छे नहीं होते थे और उनके पास ऑल राउंडर की भी कमी होती थी जिसकी वजह से उनको मैच में बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा आपको पता होगा कि फ़्री सर और ऑल राउंडर का कितना बड़ा रोल होता है आपकी टीम में और किसी भी मैच में तो उनके पास 1 बढ़िया ऑलराउंडर न होने की वजह से उनके पास कभी कभी यह दिक़्क़त होता था कि सामने बोल में 20 रन की ज़रूरत होती थी तो उस वक़्त उन्हें एक अच्छे ऑलराउंडर और अच्छे फिनिशर की ज़रूरत पड़ती थी पर ऐसे में उनकी टीम में कोई भी ऐसा खिलाड़ी नहीं होता था जो यह काम कर दें लेकिन अब ऐसा नहीं रहा अब उनकी टीम में रवींद्र जडेजा जैसे ऑल राउंडर ऑफ़िसर आ गए हैं जिसकी वजह से उनकी टीम का सबसे बड़ा काम हो जाता है कि किसी भी मैच में अगर 10 बोट में विश्राम की ज़रूरत हो आख़िरी में रवींद्र जडेजा अगर वहाँ पर मार सकते हैं और सबसे बड़ी बात रवींद्र जडेजा एक ऑल राउंडर है बैटिंग भी कर लेते हैं बॉलिंग भी कर लेते तो टीम का 2 काम बड़ी आसानी से कर देती रवींद्र जडेजा और राजस्थान की उन्हें हर एक चीज़ का पता होता है ग्राउंड के बारे में पता होता है हर एक खिलाड़ी के बारे में और रवींद्र जडेजा के पास सबसे ज़्यादा अनुभव है किसी भी मैच का क्योंकि रवींद्र जडेजा चेन्नई सुपर किंग्स के लिए बड़ी बड़ी मैच जीते हैं और सबसे बड़ी बात रवींद्र जडेजा ने चेन्नई सुपरकिंग्स को फ़ाइनल में 1 बार दो गेंद में दस रन बनाकर उन्हें फ़ाइनल का ख़िताब भी दिलाया है इसकी वजह से रवींद्र जडेजा के पास काफ़ी अनुभव हो जाता है और वही अनुभव राजस्थान के लिए काम आता है जिसकी वजह से राजस्थान एक देखा जाए तो पूरी कम्पलीट टीम बन जाती है और इन्हें किसी भी मैच में हरा पाना अब तो मुश्किल लगता है जिसकी वजह से राजस्थान हरेक मैच को बड़ी आसानी से जीत रही है और सामने कुछ भी टीमों इससे उन्हें कोई फ़र्क नहीं पड़ता
निष्कर्ष
राजस्थान की टीम अब हर एक मैच को बड़ी आसानी से जीतने का क्या कारण था ये तो हमने आपको बता दिया साथ ही साथ राजस्थान के पास अब 3 चार ऐसे खिलाड़ी आगे हैं जो उन्हें किसी भी मैच में अकेली जिता सकते हैं ऐसे में जयसवाल वैभव सूर्यवंशी द रोज़ वैली रवींद्र जडेजा रियान पर ये सारी ऐसे खिलाड़ी आ गए हैं राजस्थान में जो किसी भी वक़्त किसी भी समय किसी भी ओवर में मैच को बड़े स्कोर से पलट सकते हैं और ये 4 पाँच ऐसे खिलाड़ी हैं जिनके नाम भी काफ़ी बड़े हैं और उनके कारनामे भी बड़े बड़े होते हैं तो सामने वाली टीम उनके नाम से नहीं डर लगता है वह दूसरी वसीयत इतनी कम उम्र में भी सामने वाली टीम के अंदर नाक में दम कर रखा है जिसकी वजह से व्यापक सूर्यवंशी का विकेट बोहोत बड़ा योगदान देता है राजस्थान को और जब तक वह सूर्यवंशी मैदान में बैटिंग कर रहे होते हैं तब तक राजस्थान को भी पता होता है और सामने वाली टीम को भी यह बंदा अकेले मैच को किसी भी किनारे ले जा सकता है और कभी भी मैच को पलट सकता है इसी वजह से सामने वाली टीम के अंदर एक डर बना रहता है इस बंदे का विकेट नहीं गया तो सामने वाली टीम का जीना बेहाल हो जाता है बैटिंग देखकर ही अब राजस्थान राजस्थान नहीं रहा राजस्थान शुरुआत में 2008 में पहली बार अपना ट्रॉफी अपने नाम की थी उसके बाद से लेकर अब तक एक बार भी कवि फ़ाइनल नहीं जीत पाई है जिसकी वजह से इन्हें काफ़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ा लेकिन अब राजस्थान के पास इस बार ट्रॉफ़ी अपने नाम करने के लिए बोहोत बड़ी ऑपर्च्युनिटी है और हमें ऐसा लगता है कि राजस्थान इस बार फ़ाइनल खेल सकती क्योंकि वह टॉप टू में अपने आप को जगह बनाकर रख रही है
Read more: राजस्थान में वैभव सूर्यवंशी के आने के बाद ऐसा क्या हो गया जो यह टीम बार बार हर मैच जीत रही है और टॉप 4 में भी अपनी जगह बना ली है | what exactly changed in? Rajasthan following the arrival of Vaibhav Suryavanshi that has enabled this team to repeatedly win every match and secure a spot in the top 4 ?