ipl की बात करें तो सभी टीमों में से पंजाबी 1 टीम है जिसमें बैट्समैन बॉलर ऑल राउंडर ठीक ठाक होते हैं लेकिन जब से ipL की शुरुआत हुई है तब से लेकर अब तक इस टीम ने एक बाहर भी ट्रॉफी अपने नाम नहीं कर पाई है तू इससे पता चलता है कि इस टीम को 1 बेहद ही उभरता सितारा की ज़रूरत थी और व श्रेयस अय्यर में देखने को मिलता है श्रेयस अय्यर के आने से पहले इस टीम में खिलाड़ी तो गेम खेलने के लिए जाया करते थे लेकिन उनके दिमाग़ की खींची चलता था कि हम कभी भी फ़ाइनल की उस दरवाज़े तक नहीं जा सकते हैं लेकिन जब से अय्यर ने टीम की कप्तानी सँभाली तब से लेकर अब तक अय्यर ने पहली बार ही फ़ाइनल में पहुँच गई है और पूरी दुनिया को बता दिया कि हमारी टीम में भी व क़ाबिलीयत है कि हम भी फ़ाइनल को खेल सकते पंजाब की टीम को बहूत बार अपना नाम चेंज करना पड़ा हर बार नये खिलाड़ी ले आते थे लेकिन ऐसा कुछ हो ही नहीं रहा था कि पंजाब कई फ़ाइनल की सकल भी देख सकता था लेकिन ही उनकी नज़र खिलाड़ी के ऊपर पड़ी जो धातु हीरा उसके टीम वालों ने भी उसे अपने पास नहीं रखा हम बात कर रही हूँ श्रेयस की इस बंदे ने कोलकाता को फ़ाइनल में जीत दिलायी और उसके बाद से यह बंदा और भी famous हो गया लेकिन इस ने अपना पूरा मन बनाया है कि हम जब सभी खिलाड़ियों को नीलामी होता है तो हम भी उसी में अपना नाम देंगे और उसके बाद फिर जो हुआ आप देख ही सकते हैं इस बंदे को पंजाब की टीम से सबसे अधिक पैसे लेकर अपनी टीम में शामिल किया और उसके बाद से टीम की बागडोर बोली तो कमान संभालने के लिए दे दिया और अपनी टीम का कप्तान बना दिया उसके बाद से जो हुआ वह पूरी दुनिया देखती रह गई इस बंदे को लोग वहाँ सरपंच साफ़ के नाम से जानते हैं और इसे सरपंच बुलाते हैं क्योंकि पंजाब की तरफ़ सरपंच मतलब मुखिया होता है जो अपनी टीम को हरी किसी भी परिस्थिति में संभाल कर रखता है वहीं इस बंदे ने काम किया

पंजाब को एक नया सितारा की ज़रूरत था और वह इस बंदे में देखने को मिला
इस बंदे ने अपने आप को हर बार साबित किया कि वह एक बढ़िया खिलाड़ी हैं लेकिन इससे कोई उतना लाइमलाइट नहीं मिला इसकी वजह से इस ने कोलकाता जैसी टीम को छोड़ने का निर्णय लिया और अपनी एक अलग दुनिया बसाने के लिए निकल गया और जब रास्ते निकलते हैं तो आपको पता ही होगा कि कोई न कोई आपका साथ ज़रूर दें और ऐसे में पंजाब की टीम ने इनके ऊपर बोली लगायी और 26 cr के लिए अपनी टीम में शामिल कर लिया उसके बाद से हर टीम में एक अलग डर का माहौल बना दिया है कि जब भी हम पंजाब के साथ मैच होगा तो हम जीत नहीं सकते पंजाब से क्योंकि पंजाब के पास एक ऐसा पूरी टीम तैयार हो गई है इस बंदे के चक्कर में मानो वह पूरी टीम नहीं है पूरी 1 इंपायर खड़ा कर दिया है और हरी खिलाड़ी में एक नया जोश और जुनून देखने को मिलता इस बंदे के चक्कर में इस बंदे ने पूरी टीम को अपने हिसाब से मैं नीच दिया और अपने हिसाब से चला रहा है इसकी वजह से आज पंजाब एक अच्छे मुक़ाम पर पहुँच गया है और पिछले साल तो पंजाब ने फ़ाइनल भी खेला और सभी टीमों को यह भी बता दिया है कि पंजाब अब पहले जैसा टीम नहीं रह गया है अब पंजाब से मैच खेलना है तो भाई 1 कांटे की टक्कर से मुक़ाबला आपको देखने को मिलेगा ये सभी टीमों को एक संदेश मिल गया और सब टीम अब पंजाब से भी डरती है क्योंकि पंजाब के पास एक सरपंच साहब जो आ गए हैं वह किसी भी परिस्थिति में अपनी टीम को नहीं छोड़ते हैं चाहे बैटिंग से हूँ या कप्तानी या फीड के अंदर या फिर से बाहर कहीं से भी हो कोई फ़र्क नहीं पड़ता
सरपंच (श्रेयस अय्यर) के आने के बाद से पंजाब तुरंत फ़ाइनल में अपनी जगह बना दिया
साहब को छोड़ने क्या हम ऐसा बोल सकते हैं कि सरपंच साहब के आने के बाद से ही पंजाब ने अपनी फ़ाइनल में जगह बनायी थी अगर सरपंच साहब न होती तो का पंजा फ़ाइनल मिल पाती सबसे बड़ी बात यह है कि पंजाब टीम थी पहले जिससे कोई भी टीम हराकर चली जाती थी ऐसे में जब से सरपंच साहब ने ज़िम्मेदारी ली टीम का अपने कंधों के ऊपर तब से लेकर अब तक पंजाब को कोई भी टीम हराने से पहले 1 बार सोचती है एक बार आपको याद होगा जब पंजाब और कोलकाता का मैच हो रहा था और तब सरपंच सामने एक तूफ़ानी पारी खेली थी और अपने पुराने टीम के सामने पंजाब को जीत दिलायी थी और ऐसा करना आसान नहीं होता है किसी भी टीम के नए कप्तान के लिए क्योंकि उन्हें उस टीम के बारे में कुछ अपना पता नहीं होता और टीम में सारे नए बंदे होते उनके साथ घुलना मिलना और उनके साथ 1 बॉडी बनाना और मैच को बड़े मार्जिन से जितना परेशानी से तैयार करना बोहोत मुश्किल हो जाए किसी भी टीम के लिए चाहे वह कोई 1 उन्हें यह सब कर पाना मैनेज करना बोहोत मुश्किल काम होता है और ऐसे में हमारी सतपाल साथ इन सब चीज़ों को बड़ी आसानी से नहीं किया उसके बाद से पंजाब को उम्मीद दिलायी थी अभी आपकी टीम ख़राब स्थिति में है कोई हमें एक बार मौक़ा दीजिए हम इस टीम को पुनः बोले तो फिर से शुरुआत से अच्छी तरीक़े से 1 top par लेकर जाएंगे और पंजाब के पूर्व ऐसा करने में यहाँ शुरू की और ऐसे में सारा क्रेडिट श्रेयस अय्यर को देना ग़लत नहीं हो सकता क्योंकि इस बंदे ने जो टीम के लिए ही किया है वह तारीफ़ है पंजाब के पास अब एक नया हीरो मिल गया हुआ है सरपंच राहत के रूप में और अब हमें नहीं लगता यह टीम किसी भी क़ीमत पर सवाली है

निष्कर्ष
पंजाब की टीम अब 81 टीम मिल गई है इसे किसी भी टीम को वहाँ पहुँचने की एक बार सोचना पड़ेगा क्योंकि पंजाब के पास एक ऐसा ही राह मिल गया है इसे अब पंजाब किसी भी क़ीमत पर होना नहीं चाहिए और श्रेयस अय्यर को भी वही चीज़ मिला जो उन्हें चाहिए था ऐसे में दोनों के दोनों तरफ़ से फ़ायदा मिला श्रेय संयंत्र को मान सम्मान इज़्ज़त सब चीज़ मिला पंजाब में और पंजाब को किसी भी क़ीमत पर फ़ाइनल खेलना था और अपनी टीम को एक नई ऊंचाइयों तक लेकर जाना था और वो सभी फ़्रेश पेयर ने उन्हें दिलाया अपनी कप्तानी के अंदर रास्ते में दोनों के लिए विन विन मिशन था अब देखना यह होगा कि क्या इस साल पंजाब फ़ाइनल में अपनी जगह बना पाएगी या नहीं हमें ऐसा लगता नहीं है कि पंजाब फ़ाइनल में जीतने वाली है लेकिन फ़ाइनल ज़रूर खेल सकती है पंजाब की टीम में वह अभी भी क़ाबिलीयत है और पिछली बार बिहार उन्हें अभी भी चुप रही होगी ए फ़ाइनल में जाकर हमने हार गया तो इस बार पंजाब इसके बाद फ़ाइनल जीतने वाली तक उन्हें कोई रोक नहीं सकता है पंजाब की टीम में सब कुछ अच्छे से चल रहा है वहाँ की कप्तानी बैट्समैन बॉलर ऑल राउंडर सब चीज़ टॉप नॉच प्लास्टर मिल जाए तो ऐसे में पंजाब इस बार हमें लगता है कि फिर से वह फ़ाइनल में कुछ ताबड़ तोड़ ज़रूर करेंगे