अचानक से हैदराबाद bowling को क्या हो गया जो इतनी अच्छा करने लगा | what suddenly happened to Hyderabad’s bowling that it started performing so well

जब टूर्नामेंट की शुरुआत हुई थी तो उससे पहले लोग हैदराबाद को कहा करते थे कि यह हैदराबाद टीम है जो 300 रन बैटिंग के द्वारा बना भी सकती है और बॉलिंग के द्वारा 300 ख़ा सकती क्योंकि इनकी बोलिंग लाइन अप इतनी ख़राब थी किया सोचो मत इनकी टीम के कप्तान बोले तो पैट कमिंस भी ऑस्ट्रेलिया से नहीं आए थे तो ऐसे में सबसे बड़ा सवाल उठ रहा था कि हैदराबाद जब टूर्नामेंट की शुरुआत होगी तो बिना पैट कमिन्स की कैसे खेलेगी और सभी मैच में जब तक पैट कमिंस नहीं आएंगे तब तक 300 रन से कोई भी सामने टीम रहेगा वह इनकी बॉलिंग को मार डालेगा लेकिन इनकी तारीफ़ एक चीज़ यह था की बैटिंग लाइनअप अच्छी थी लेकिन अगर आप की बैटिंग लाइनअप अच्छी होने से सारी चीज़ें आपके साथ नहीं जाती है आपकी बॉलिंग भी अच्छी होनी चाहिए और ऐसे में हैदराबाद के लिए सबसे बड़ा कठिन सवाल था कि कैसे हम 300 रन नहीं मारने देंगे सामने वाला बैट्समैन उसके लिए सबसे पहले अपनी टीम अच्छी बोलर्स आएंगे होंगे यहाँ अच्छी बोलर्स कहने का मतलब यहाँ पर यह होता है कि बड़े बड़े नाम वालों bowler उनके टीम में नहीं थी इस वजह से हैदराबाद को आने वाले समय में बहुत दिक़्क़त होने वाली थी लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि इतने दिक़्क़त होने के बाद भी हैदराबाद ने अपनी बॉलिंग लाइनअप को कैसे सुधारा शुरुआत के एक द मैच में हैदराबाद दिक़्क़त हुई उनकी बोलिंग लाइन फूटने कमाल धमाल नहीं मचा रही थी जितनी की बैटिंग लाइनअप अच्छी कर रही थी

सबसे पहले तो बोलिंग लाइनअप में तो दो नया सुधार किया

हैदराबाद का मैच जब राजस्थान के साथ तो हैदराबाद ने उस दिन 2 new bowlers का डेब्यू करवाया उस मैच में और दोनों बोलर्स ने डेब्यू में कितना अच्छा प्रदर्शन कर सकता है और कुछ सोचा था उससे भी कई गुना ज़्यादा अच्छा कर के दिखाया दोनों गेंदबाज़ ने हम यहाँ पर दोनों गेंदबाज़ का नाम बताते में एक का नाम प्रफुल हिंज़ और दूसरे का नाम सकीब हुसैन था उस दिन दोनों गेंदबाज़ों ने राजस्थान की बैटिंग ऑर्डर का पूरा मामला ही ख़त्म कर दिया था एक भी बैट्समैन उस दिन राजस्थान के नहीं टिक पाए थे इन दोनों गेंदबाज़ों के सामने यहाँ तक कि वैभव सूर्यवंशी इतनी बड़े खिलाड़ी जो बुमराह जैसे और हेज़लवुड जैसे बड़े बड़े गेंदबाज़ी के सामने और नहीं होते थे और आज वही बैग सूर्यवंश इन दोनों गेंदबाज़ों के सामने पहला ही गेंद पर आउट हो जाते हैं इससे यह पता चलता है कि यह दोनों गेंदबाज़ कितनी तैयारी करके आए थे उस दिन यशस्वी जायसवाल भी नहीं टिक पाए थे और तो और राजस्थान के कप्तान रियान भी नहीं टिक पाए थे इन 2 नए गेंदबाज़ी के सामने और उस दिन पूरी दुनिया को दो नए गेंदबाज़ मिलते हैं जो हैदराबाद के लिए डेब्यू करते हैं और हैदराबाद टीम को एक मज़बूती की ओर ले चलते हैं और सबसे बड़ी बात जो टीम बोलिंग की वजह से कमज़ोर दिख रही थी आज वही टीम इस टूर्नामेंट के सबसे मज़बूत टीमों की लिस्ट में सबसे आगे चल के आ गई थी उस दिन दोनों गेंदबाज़ ने चार चार विकेट लिए तो आप समझ सकते हैं कि दस विकेट में से आठ विकेट इन्ही दो गेंदबाज़ ले लिया था तो पूरी टीम का क्या हाल हुआ होगा उस दिन जिस दिन ये दोनों गेंदबाज़ डेब्यू किए थे पूर्वी राजस्थान की टीम इन दोनों गेंदबाज़ों के सामने बिखर गई थी और कह रही थी की भाई हम ऐसे गेंदबाज़ के लिए तैयार नहीं थे

प्रफुल हिंज़ और सकीब हुसैन का जलवा पूरी टीम सामने वाली बिखरकर रह गई थी

इस साल का राजस्थान और हैदराबाद का मैच सभी को याद रहेगा कि कैसे दो नए गेंदबाज़ ने राजस्थान का इतनी बड़ी बैटिंग लाइनअप को पूरा तरीक़ा से ख़राब करके रख दिया था दो गेंदबाज़ जिनके पास एक समय के लिए जूते ख़रीदने के पैसे नहीं थी वो दोनों गेंदबाज़ हैदराबाद की तरफ़ से डेब्यू करते हैं और इस टूर्नामेंट की सबसे बड़ी और सबसे टॉप में जो टीम चल रही थी उसको मैच हरा दिया पहले ही ओवर में तीन विकेट निकाल लिए थे हैदराबाद ने वापस समझ सकती थी पहले ओवर में जब किसी भी टीम का तीन विकेट गिर जाता है तो सामने वाली टीम कितना भी मज़बूत हो ख़राब हो ही जाता है और 1 समय पर तो 9 रन पर पाँच विकेट हो गए थे मानो ऐसा लग रहा था कि RCB का 49 रन का रिकॉर्ड टूट सकता है लेकिन ऐसा नहीं हो पाया था पूरी क्रिकेट इंडस्ट्री में मानते हल्का सा मच गया हूँ जैसे एक समय पर अपराधों पर भी ख़ुशी है कि केवल पाँच छक्का मारकर कोलकाता को मैच जिताया था ठीक उसी प्रकार से इन दोनों गेंदबाज़ों ने हैदराबाद की बोली लाइन इतना मज़बूत बना दिया कि सामने राजस्थान जैसे टीम को घुटने टेक में पड़ गए थे इनके सामने एक बार और हैदराबाद ने इस मैच को बड़ी आसानी से जीत भी जाती है और ये 2 नए गेंदबाज़ को स्वागत भी बड़ी अच्छी तरीक़े से करते हैं भाई किसी को dream होता है IPL में गेंदबाज़ी करना और ऐसे में अगर आप एक मैच में चार विकेट ले लेते हैं तो मानवता सपना आपका पूरा नहीं हुआ अब सपना को जी रहे हैं ऐसा होता है और वैसा ही हुआ इन दोनों गेंदबाज़ों के साथ दोनों नए गेंदबाज़ जिन्होंने आज तक इतनी बड़ी टूर्नामेंट कभी नहीं खेला हूँ और इतनी बड़ी टूर्नामेंट में आकर पहले ही मैच में 4 चार विकेट ले रहे हैं तो यह बहुत बड़ी उपलब्धियां होती है 2 नए गेंदबाज़ी के लिए और सबसे बड़ी बात कि दो नए युवा गेंदबाज़ हैं

निष्कर्ष

हैदराबाद को शुरुआत में सभी लोग रोल कर रहे थे किया एक एस्टीम बनने वाली है इस टूर्नामेंट में 3 तो बना देगी लेकिन तीन सौ इनकी बॉलर मार खा भी जाएंगे ऐसा सोच रखने वाले पता नहीं कहाँ से बोल जाते हैं और हैदराबाद को भी ख़राब लगा एक दो मैच में जब उनके बॉलर अच्छा नहीं कर पा रहे थे तो उनके कप्तान ईशान किशन में दो नए खिलाड़ी का डेब्यू करवाया और डेब्यू खाने के बाद पूरी दुनिया देखी उन दोनों खिलाड़ी का रुख़ हम दोनों ने 4 चार विकेट लिए पूरी टीम को ख़त्म कर दिया सामने वाली इतनी बड़ी राजस्थान जिनके पास वैभव सूर्यवंशी यशस्वी जयसवाल रियान पराग दृढ़ थी रेल जैसे बड़े बड़े नाम थे कुछ ही मिनटों में सारे विकेट गिर गए थे मानो एक पल पर ऐसा लग रहा था कि RCB का 49 रन का रिकॉर्ड भी टूट जाएगा इतनी अच्छी मैच हो रहा था मानो हरी ओवर में 2 विकेट तीन विकेट ऐसा ऐसा गिर रहा था एक समय पर रन पर पाँच विकेट हो गए थे समझो मानो पूरी टीम 20 रन के बीच मच जाएगी एक्सप्रेस हो गया था लेकिन सामने वाली भी टीम बाद में कम बैक किया और आराम से गेम खेला लेकिन इन दोनों गेंदबाज़ का डर पूरी टीम के अधिकारियों को मिला दोनों गेंदबाज़ ने पूरी टीम का होली बंद करा दिया था अपनी गेंद से कोई भी बल्लेबाज़ अगरअस्सी रन अपने DU में सेंचुरी मार दे तो बड़ी होती है बाक़ी और अगर गेंदबाज़ के लिए वही गेंदबाज़ी 4 विकेट लिए पाँच विकेट लेता गाड़ियों में उसका ड्रीम डेब्यू माना जाता है पर ऐसा ही युवा इन दोनों गेंदबाज़ों के साथ इसके बाद हैदराबाद तो एक मज़बूत टीम बन गई चोटिल जेम्स बल्लेबाज़ की कोई कमी की थी फिनिशर भी अच्छे थे ऑल राउंडर भी अच्छी तस्वीर गेंदबाज़ की दिक्कतें तो वो 2 फ़्लोर जाने के बाद पूरी टीम 41 बन गई है और अपनी टीम को कुछ पीछे नहीं ला सकता टॉप

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