एक बार सोच कर देखो अगर मुंबई इंडियंस में रोहित शर्मा न होते तो क्या होता आज इतनी बड़ी जो मुंबई बन पाई है क्या कभी बन पाती इसमें सारा हाथ रोहित शर्मा का है रोहित शर्मा के आने से पहले चार बार मुंबई खेल चुकी थी लेकिन एक बार भी फाइनल में जगह नहीं बनाई पाई थी और रोहित शर्मा के आते ही मुंबई ने अपना पहला आईपीएल जीत लिया था इसी से पता चलता है कि रोहित शर्मा मुंबई के लिए कितना खास थे 2013 में पहली बार मुंबई इंडियंस ने अपना ट्रॉफी जीता था और उसे समय रोहित शर्मा कप्तान थे रोहित शर्मा ने आते के साथ ऐसा क्या कर दिए थे जिसकी वजह से मुंबई अपना पहला ट्रॉफी जीत लिया था अब मुंबई की बात करें तो मुंबई ने रोहित शर्मा के कप्तानी में पांच बार ट्रॉफी अपने नाम किया और मुंबई आज इतनी बड़ी टीम बन पाई रोहित शर्मा ने मुंबई को डी मुंबई इंडियंस बना दया किसी भी टीम इतना बड़ा कप्तान नहीं था जितना बड़ा रोहित थे अब लोग बोलेंगे कि चेन्नई सुपर किंग के पास भी पांच ट्रॉफी है लेकिन इसमें क्या फर्क है इसमें देखा जए तो बहुत फर्क है आज तक जितना बार भी है मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग के साथ जितना बार भी फाइनल हुआ है उतना बार मुंबई इंडियंस ने चेन्नई सुपर किंग को फाइनल में हराया है तो अब आपको समझ में आ ही गया होगा कि रोहित शर्मा कितना बड़ा काम किए हैं मुंबई इंडियंस के लिए अगर रोहित शर्मा मुंबई इंडियंस के कप्तान ना होते तो आज मुंबई के पास इतना बोले तो पांच ट्रॉफी नहीं होती रोहित शर्मा ने टीम को बैलेंस बनाकर यह पांच ट्रॉफी अपने नामकी है इसी वजह से हर कोई रोहित शर्मा के फैंस है

हिटमैन का जलवा 5 ipl ट्रॉफी मुंबई इंडियन्स के पास
अगर रोहित शर्मा मुंबई इंडियंस के पास अगर नहीं होते तो आज मुंबई के पास पांचवीं ट्रॉफी नहीं होती रोहित शर्मा की कप्तानी में वैसे तो सभी खिलाड़ी ने अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन रोहित शर्मा ने भी अपना बल्ला से भी रन बनाया उसकी वजह से मुंबई हर मैच पर अपना जलवा बिखराती थी और उसकी डर की वजह से कोई भी टीम इसे डरती थी और रोहित शर्मा के पुल शॉट की वजह से मुंबई की बैटिंग लाइन अप अच्छी थी जब भी रोहित शर्मा का बल्ला बोलता था तब कोई भी टीम उनसे नहीं जीत पता था सामने वाली टीम के अंदर खौफ हो जाता था और भी खराब बॉलिंग करने लगता था इसकी वजह से रोहित शर्मा और भी अच्छे रन बना डालते थे सबसे बड़ी बात यह थी कि जिस दिन रोहित का बल्ला नहीं चलता था उसे दिन मुंबई मैच जीत नहीं पता था इससे पता चलता है कि कप्तान होन के साथ साथ बैटिंग भी कितना जरूरी होता है अगर आपकी टीम का कप्तान सही होता है तो बाकी के सभी खिलाड़ी भी आपके जैसा खेलना चाहते हैं और टीम के जीत में हिस्सा बनना चाहते हैं इन्हीं सब कानून की वजह से मुंबई इंडियंस के सभी खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करते थे और अंत में मुंबई इंडियन अपना मैच आराम से जीत जाता था मुंबई के पास पांचवीं ट्रॉफी है उसमें सभी खिलाड़ी का भी योगदान है लेकिन रोहित शर्मा की जितनी तारीफ की जाए उतना कम है रोहित शर्मा की सबसे बड़ी अच्छी बात यह थी कि सभी खिलाड़ी उनके बात को मानती थी अगर सभी खिलाड़ी कप्तान का बात सुने तो कोई भी टीम बड़े से बड़े मैच आसानी से जीत सकता है
जसप्रीत बुमराह का कितना बड़ा योगदान है मुंबई इंडियंस की जीत में , अगर जसप्रीत बुमरा मुम्बई इंडियंस में न होते तो कोई भी टीम मुंबई इंडियंस नहीं डरती
जसप्रीत बुमराह की जितनी भी तारीफ़ की जाए उतनी कम है क्योंकी जसप्रीत बुमरा ने मुंबई इंडियन्स के लिए भी बोहोत सारे रन बचाए हैं अब बोहोत सारे विकेट अपनी गेंद से लिए हैं powerplay की बात की जाए तो पावरप्ले में से हरेक बैट्समैन रन मारने जाता है वह भी बड़ा बाउंड्री लेकिन जसप्रीत बुमरा जब भी गेंद फेंकने आते हैं तो कोई भी खिलाड़ी इसे स्पीड मुंडा को बड़ा बाउंड्री नहीं लगाता है जसप्रीत बुमराह कि कैसे खिलाड़ी हैं जिनकी बॉलिंग एक्शन सबसे अलग है इसकी वजह से हर खिलाड़ी उनसे डरते हैं और उनकी उबर को आराम से खेलते हैं कोई भी खिलाड़ी यह नहीं चाहता है कि स्पीक गुंडा के ओवर में विकेट गिरे हैं हर खिलाड़ी इन्हें आराम से खेलना चाहता है और इनकी बोलिंग अटैक से डरता है इसकी वजह से बड़े बड़े खिलाड़ी जैसे विराट कोहली महेंद्र सिंह धोनी और भी खिलाड़ी का नाम अब कोई भी ले ली सब खोई इनकी बॉलिंग अटैक से डरकर ही खेले ही 5 तक कोई भी खुलकर इनकी बॉलिंग को नहीं खेल पाया इनका बहुत बड़ा योगदान है इनकी X जब भी यह गेंद को ball karte हैं उस वक़्त बैट्समैन के दिमाग़ में एक ही बात चलती है कि इन तो वह निकल जाए तो हम अगला ओवर में रन बना लेंगे लेकिन इनका उबर को कोई भी अच्छे से नहीं खेलना चाहता हूँ क्योंकि इनको अगर आप माने जाएंगे तो समझो आपका विकेट गया इसकी वजह से पूरी टूर्नामेंट में इनके नाम से ख़ौफ़ होता ह

निष्कर्ष
मुंबई इंडियन्स के पास आज जितना भी ट्रॉफी है उसमें सबसे बड़ा योगदान रोहित शर्मा का क्योंकि अगर मुंबई इंडियंस पहली बार अगर ipl ट्रॉफ़ी जीती है तो रोहित शर्मा की कप्तानी में अगर रोहित शर्मा इस टीम में न आए होते तो आज यह टीम इतनी बड़ी नहीं बन पाती उसका भी सबसे बड़ा कारण है रोहित शर्मा रोहित शर्मा का बैटिंग अंदाज़ ही सबसे अलग है जब वो शॉट खेलते हैं तो सामने कोई भी टीम हूँ उनसे ख़ौफ़ खाती उनका विकेट जल्दी आता ही नहीं है सामने वाली टीम में सोचने में पर्याप्त कि रोहित शर्मा को कैसे आउट किया जाए और ऐसा अगर कप्तान ही बैटिंग करें तो सामने वाली टीम को डर जाती और सबसे बड़ा अपनी टीम में और भी खिलाड़ी इनसे सीखकर फॉर भी अच्छा करती इसकी वजह से टीम का 1 कल्चर बन जाता है बैटिंग करना अच्छी फील्डिंग करना अच्छा हर 1 चीज़ में इसकी वजह से 5 इतनी बढ़ी कि मुम्बई इंडियंस बन पाई है वहाँ रोहित शर्मा मुंबई इंडियंस की तरफ़ से खेलते हुए 6 हज़ार प्लस रन ही बना चुके हैं इसकी वजह से मुंबई इंडियंस की तरफ़ से आज तक ऐसा करने वाला कोई भी बैट्समैन नहीं है तो आप समझ सकते कप्तान होने के साथ साथ कितने रन बनाए हैं तो इसमें पूरा अगर मुंबई इंडियंस 5 ट्रॉफ़ी जीती है उसमें सबसे बड़ा योगदान रोहित शर्मा का होता है बाकियों खिलाड़ियों का दी है लेकिन सबसे बड़ा किसी भी चीज़ को मैनेज करना कम्पनी चलाना तो उस कप्तान का ही नाम होता है तो ऐसे में हम रोहित शर्मा को मुंबई इंडियंस का राजा बो सकते हैं जिन्होंने मुंबई इंडियन्स को शुरुआती दौर से बनाया और 5 रॉकी तक जीत दिलायी