क्या मुंबई इंडियन्स और चेन्नई सुपरकिंग्स इस टूर्नामेंट के सबसे बढ़िया टीम  हैं | are mumbai indians and chennai super kings the best teams in this tournament ?

वैसे तो इस टूर्नामेंट में 10 टीम खेलती है लेकिन हर साल सिर्फ़ एक टीम ही फ़ाइनल को जीत होती है जिससे यह फिसलता है कि इस टूर्नामेंट में कितनी गुळ की होती है एक बड़ी विजेता बनना बौद्ध फ़ाइनल खेलना और ट्रॉफी अपने नाम कर ऐसा नहीं है कि सिर्फ़ दो ही टीम इस टूर्नामेंट में सबसे अच्छी T सभी टीमें अच्छी होती बाज़ सबसे दिक़्क़त चाहता है कि आपकी पास कौन से ऐसे ही गलती है जो आप दोबारा नहीं कर सकते आप जितनी कम गलतियां करेंगे उतनी ही ज़्यादा चांसेस होती है कि हम फ़ाइनल की ओर बढ़ते जाएंगे ऐसे में बोहोत सारी टीम है जो पेपर पर तुम अच्छे होते हैं लेकिन फिर तू पर उतना कमाल धमाल नहीं कर पाते जिसकी वजह से मुंबई इंडियन्स और चेन्नई सुपर किंग्स ने अब तक सबसे कम गलतिया करी इसे फिर से इन दोनों टीमों ने अब तक सबसे ज़्यादा फ़ाइनल खेला है और सबसे ज़्यादा ट्रॉफ़ी  2 टीमों के पास हैं मुंबई इंडियंस के कप्तान रोहित शर्मा और चेन्नई सुपरकिंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ये दो ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने इस टूर्नामेंट के ऊपर अपना क़ब्ज़ा बनाए बोले तो राज़ किया है कोई भी टीम को सामने इनके सामने घुटना टेक न ही पड़ता था सबसे बड़ी टीम बेंगलोर मान जाती थी लेकिन पैनलों को साल लग गए थे एक ट्रॉफी को अपने नाम करने वहीं पर मुम्बई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स ने दोनों मिलाकर दस trophy ही रखें तो समझिए कि इस टूर्नामेंट के ऊपर इन दोनों का पकड़ में जितनी बार मुंबई इंडियंस फ़ाइनल जीती है उतनी बाद चेन्नई सुपर किंग्स भी फ़ाइनल जीती और सबसे बड़ी बात मुंबई इंडियन्स जीता चेन्नई सुपरकिंग्स को फ़ाइनल में सबसे ज़्यादा बार हराया 

क्यों हमेशा से यही दो टीम शुरुआत से इस टूर्नामेंट के हीरो रहे हैं या कोई अब और भी 

जब से इस टूर्नामेंट की शुरुआत हुई है तब से लेकर अब तक चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस ने कंबल दिखी है जिसकी वजह से ये दुनिया आज टॉप पर बैठी दिखाई दे रही है ऐसा नहीं है कि हर बार यही तो टीम सबसे आगे बैठी रहेगी 1 समय आएगा जब यह दोनों टीम भी परफॉर्मेंस ख़राब होगी और सामने को जारी तिमाही जो इनसे अच्छा करेगी पहले इनसे भी बेहतर टीम हुआ करते थे जैसे बैंगलोर हैदराबाद कोलकाता लेकिन वो सब पेपर के ऊपर अच्छा लिखते थे जब भी फ़िल्म की बात आती थी इन दोनों टीमों के सामने सब फीका पड़ जाते थे और अभी भी इन दोनों टीमों के सामने कोई भी टीम फीका पड़ जाती है क्योंकि उनके फ़ैन्स भी बोहोत ज़्यादा होते हैं फ़ील्ड पर जो शोर मचाते सामने वाली टीम का ऐसे ही घर का माहौल बन जाता है और आपको पता ही होगा कि महेंद्र सिंह धोनी का और रोहित शर्मा का क्रिकेट इंडस्ट्री में सबसे बड़ी पकड़ी महेंद्र सिंह धोनी विकेटकीपिंग कप्तानी और फिर ऐसी सजा देते के सामने पूरी ही बल्लेबाज़ उनके सामने जाकर देख 1 ही नि पाता है या तो विकेट आउट हो जाता है या तो कैच आउट या तो वह महेंद्र सिंह धोनी विकेट के पीछे से उसे फील्डिंग सेट कर देते हैं कि वह किसी भी तरीक़ा से ज़्यादा रन नहीं मार पाता है और सबसे बड़ी बात महेंद्र सिंह धोनी जब विकेट के पीछे आते हैं तो सामने वाली बैट्समैन का हालात ऐसे ही ख़राब हो जाता है उन्हें पता था की 1 इंच और 1 सेकेंड की ग़लतियों में महेंद्र सिंह धोनी सीधा विकेट स्टंप उड़ा देंगे

अब तक के सबसे सफल कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और रोहित शर्मा रहा है जो किसी भी मैच को बड़ी आसानी से जीत सकते हैं

ipl इस टूर्नामेंट की बात करें तो ये दोनों ऐसे कप्तान हैं जो अपनी टीम का बोझ अपने कंधों पर उठा लेते हैं जब भी टीम किसी भी संकट की घड़ी में पढ़ती है कि ये दोनों टीम के कप्तान उस टीम का सबसे अहम खिलाड़ी बन जाते हैं और सारा बोझ अपने ऊपर उठा लेते हैं और सामने कोई भी टीम के गेंदबाज़ उनसे कैसे निपटा जाए ये उन्हें समझाते पूरी टीम को उसके बाद पूरी टीम भी अच्छी से समझती है और जैसे ही दोनों कप्तान बोलते हैं वैसे वैसे टीम भी उनके पीछे पीछे करती है ये दोनों कप्तान के सबसे ज़्यादा सफल होने का यही बड़ा कारण है ये दोनों जो भी करते हैं इन के खिलाड़ी वह सारा काम इनकी कहानी अनुसार करते हैं मिस की वजह से ये दोनों कप्तान का इस टूर्नामेंट में सबसे ज़्यादा सफल कप्तान माने जाते हैं और इसी वजह से इन दोनों कप्तानों का इज्ज़त मांस मान प्रतिष्ठा टीम में बना है और किसी भी टीम के खिलाड़ी कप्तान को इन दोनों से सलाह ज़रूर लें 3 मैच के बाद चाहे कोई भी टीम कोलकाता बैंगलोर हैदराबाद दिल्ली पंजाब कोई भी इन दोनों कप्तानों के सामने सब के सब फीके पड़ जाते हैं क्योंकि भारतीय टीम का एक रीढ़ की हड्डी माने जाते हैं ये दोनों कप्तान भारतीय टीम के लिए महेंद्र सिंह धोनी ने कितने सारे ट्रॉफ़ी जीतकर दिलायी है और रोहित शर्मा ने भी टीट्वेंटी वर्ल्ड कप ट्रॉफ़ी जीत दिलायी है

निष्कर्ष

सौ बातों की एक बात कहूं तो महेंद्र सिंह धोनी और रोहित शर्मा इस टूर्नामेंट के सबसे सफल कप्तानों में से एक है और अब नाइंटीज सफल कप्तान आएगा रुकी इतनी ट्रॉफ़ी पूल भी कप्तान जीतकर नहीं किसी भी टीम को दे सकता भाई पूर्व कप्तान कोई भी खिलाड़ी का 1 साल दो साल अच्छा जाता है लेकिन इन्होंने ई साल दो समझने के पूरा टूर्नामेंट हैं जब तक मिला तब तक अपना नाम बरकरार करके रखा ऐसा कर पाना बहुत मुश्किल काम होता है और हमें नहीं लगता कि उनके जैसा कोई भी खिलाड़ी अपन पाएगा इस टूर्नामेंट अपनी टीम के लिए इन्होंने सब कुछ किया जो करना चाहे किसी भी टीम के लिए इन दोनों खिलाड़ियों की सबसे अच्छी बात यह है कि ये दोनों खिलाड़ी अपनी टीम की इतनी ज़्यादा बार फ़ाइनल में लेकर गए हैं इसी टीम के कप्तान में सोचना पड़ेगा इनके मालिक गुळ हमने यहाँ खिलाड़ी नीलामी में अपनी टीम में शामिल कर लिया है जो हर 1 साल दो साल के अंदर हम फ़ाइनल में लेकर चला जाता है अब चेन्नई सुपरकिंग्स के कप्तान बदल गया और मुंबई इंडियंस के कप्तान बदलते हैं लेकिन अभी भी इन टीमों का ड्रॉ कल तो है लेकिन जब से रोहित शर्मा और महेंद्र सिंह धोनी ने कप्तानी छोड़ी है कब सिंह टीम का फ़ाइनल खेल पाना बहुत मुश्किल हो रहा है तो आप समझ सकते हैं कि कितना माइंडसेट अच्छा रास्ता होगा इन दोनों खिलाड़ियों का हर 1 दूसरे साल में आपस में दोनों खेल रहे फ़ाइनल सुज़ुकी इतना बड़ा लेकिन दोनों ने मेंटेन कर के रखा है अपने टीम के लिए है

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